17 कार्यों में करीब 2.74 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि, अधिकांश कार्य पोर्टल पर चल रहे कई कार्यों में मूल्यांकन राशि दर्ज नहीं..
सिवनी/लखनादौन। ग्राम पंचायत बिछुआ लोंदा में पिछले वर्षों में स्वीकृत विकास कार्यों के उपलब्ध डेटा ने पंचायत स्तर पर निर्माण कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उपलब्ध पोर्टल रिकॉर्ड के अनुसार पंचायत क्षेत्र में व्यक्तिगत शौचालय, सीसी सड़क, पुलिया, रिचार्ज पिट, पेयजल कूप सुधार तथा सामुदायिक भवन सहित कुल 17 कार्य दर्ज हैं। इन 17 कार्यों की स्वीकृत राशि को जोड़ने पर लगभग 2.74 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान सामने आता है। रिकॉर्ड में कई कार्यों पर लाखों रुपये का व्यय दर्ज है, लेकिन संबंधित प्रविष्टियों में मूल्यांकन राशि 0 दिखाई दे रहा है और स्पष्ट टिप्पणी दर्ज है कि कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।
2025 में ही करोड़ों के पुलिया और सीसी रोड कार्य..
सबसे अधिक ध्यान वर्ष 2024-25 में स्वीकृत ST सघन बस्ती विकास योजना के कार्यों पर जाता है। रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2025 में बिछुआ लोंदा पंचायत क्षेत्र में लगभग 25 लाख रुपये के आसपास की लागत वाले कई पुलिया एवं सीसी सड़क कार्य स्वीकृत किए गए। देवाघाट नाला पर पुलिया, टपरिया टोला पहुंच मार्ग, बिछुआ से सीयाराम गौंड के घर तक पहुंच मार्ग, मेन रोड से टपरिया टोला मार्ग, मोहगांव खुर्द से लौदा रोड सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण दर्ज है। इसी योजना के तहत मोहगांव खुर्द से रामकुमार के घर की ओर, मेन रोड से टपरिया टोला की ओर, प्राथमिक शाला क्षेत्र, शांतिधाम मार्ग तथा मोहगांव खुर्द मड़िया से गेदालाल के घर की ओर सीसी सड़क निर्माण के कार्य भी दर्ज हैं।
करोड़ों का व्यय, लेकिन मूल्यांकन कॉलम में शून्य..
रिकॉर्ड में कई कार्यों में व्यय राशि लगभग स्वीकृत राशि के बराबर दर्ज है। उदाहरण के तौर पर कई 25 लाख रुपये के सीसी रोड कार्यों में 24.96 लाख से 24.99 लाख रुपये तक का व्यय दर्ज है। वहीं लगभग 25 लाख रुपये की लागत वाले पुलिया कार्यों में भी अधिकांश राशि खर्च होना दर्ज है। इसके बावजूद पोर्टल पर संबंधित कार्यों के सामने मूल्यांकन राशि शून्य दर्ज है। यह स्थिति जांच का विषय इसलिए बनती है कि कार्य की वास्तविक भौतिक स्थिति, गुणवत्ता, माप एवं मूल्यांकन किस स्तर पर और किस अधिकारी द्वारा किया गया, इसका स्पष्ट विवरण सार्वजनिक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रहा है।
पुराने कार्य भी रिकॉर्ड में चल रहे..
वर्ष 2018-19 का व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य भी रिकॉर्ड में चल रहे स्थिति में दर्ज है। इसकी स्वीकृत राशि 9.84 लाख रुपये तथा दर्ज व्यय 5.14 लाख रुपये है। इसी प्रकार वर्ष 2018-19 का तिरगड्डा से हनुमान मंदिर तक सीसी रोड निर्माण कार्य 2.82 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 2.79 लाख रुपये व्यय के साथ दर्ज है। वर्ष 2023-24 में मुख्य मार्ग से उजियार के मकान एवं हनुमान मंदिर से अनिल के मकान की ओर सीसी रोड निर्माण के लिए 3.01 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिसमें 2.588 लाख रुपये व्यय दर्ज है।
जिम्मेदार अधिकारियों से मांगा जाना चाहिए स्पष्ट जवाब..
अब सवाल यह है कि- जिन कार्यों में लाखों रुपये खर्च दर्ज हैं, उनका मूल्यांकन पोर्टल पर दर्ज क्यों नहीं है? कार्यों की माप पुस्तिका (एमबी) में क्या विवरण दर्ज है? प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन किस अधिकारी ने किया? भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच और मूल्यांकन किस स्तर पर हुआ? वर्ष 2018 के कार्य अभी तक पोर्टल पर चल रहे क्यों दिखाई दे रहे हैं? वर्ष 2025 में स्वीकृत पुलिया एवं सीसी सड़क कार्यों की वर्तमान वास्तविक स्थिति क्या है? स्वीकृत राशि और वास्तविक व्यय के बीच शेष राशि का क्या हुआ? प्रत्येक निर्माण कार्य की तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण एवं पूर्णता प्रमाण-पत्र कहां हैं?
जांच होने पर सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति..
उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड अपने-आप में किसी अनियमितता का अंतिम प्रमाण नहीं है। लेकिन उच्च राशि के अनेक निर्माण कार्यों के साथ मूल्यांकन राशि शून्य दर्ज होना और बड़ी संख्या में कार्यों का चल रहे दिखना प्रशासनिक सत्यापन की आवश्यकता जरूर पैदा करता है। मामले में जनपद पंचायत लखनादौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित तकनीकी अधिकारियों को प्रत्येक कार्य का स्थल निरीक्षण, अभिलेखीय जांच और भौतिक प्रगति का मिलान कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।