कई वर्षों पुराने काम अब भी ‘चल रहे’, दर्ज व्यय के सामने मूल्यांकन राशि शून्य; कुछ कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक खर्च का सिस्टम अलर्ट..
सिवनी/लखनादौन। जनपद पंचायत लखनादौन की ग्राम पंचायत बावली के विकास कार्यों से संबंधित शासकीय पोर्टल पर दर्ज आंकड़े पंचायत स्तर पर कार्यों की प्रगति, व्यय और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। वर्ष 2015-16 से लेकर 2025-26 तक के अनेक कार्य दर्ज हैं। इनमें कई कार्यों की वर्तमान स्थिति “चल रहे” दिखाई जा रही है, जबकि कई पुराने कार्यों में व्यय दर्ज है, लेकिन “मूल्यांकन राशि : 0” प्रदर्शित हो रहा है।
पोर्टल के अनुसार ग्राम पंचायत बावली के कई कार्यों में सिस्टम द्वारा स्वयं यह टिप्पणी प्रदर्शित की गई है कि “कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।” कुछ मामलों में पोर्टल ने यह भी दर्शाया है कि दर्ज व्यय स्वीकृत राशि से अधिक है। ऐसे मामलों में वास्तविक कार्य की स्थिति, माप पुस्तिका, तकनीकी मूल्यांकन, भुगतान अभिलेख और मौके पर हुए निर्माण का सत्यापन आवश्यक हो जाता है।
*2017-18 के कार्यों में भी मूल्यांकन शून्य*
पोर्टल पर वर्ष 2017-18 के अनेक कार्य दर्ज हैं। उदाहरण के तौर पर ग्राम बावली में पंचायत भवन निर्माण के लिए 14.48 लाख रुपये की स्वीकृति दर्ज है, जबकि व्यय 4,88,300 रुपये प्रदर्शित हो रहा है और मूल्यांकन राशि शून्य है। पोर्टल ने इस कार्य के संबंध में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय का अलर्ट भी प्रदर्शित किया है।
इसी अवधि में बावली की विभिन्न सीसी सड़कों, नाली निर्माण, रंगमंच और अन्य कार्यों में भी व्यय दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है।
*सीसी सड़कों के आंकड़े भी जांच की मांग करते हैं*
पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार ग्राम बावली में वर्ष 2017-18 में एक सीसी सड़क कार्य की स्वीकृति 7.52 लाख रुपये दर्ज है, जबकि व्यय 7,62,620 रुपये प्रदर्शित है और मूल्यांकन राशि शून्य है।
इसी प्रकार आशाराम के मकान से हरदोल बाबा तक सीसी रोड सह नाली निर्माण के लिए 3.15 लाख रुपये की स्वीकृति के सामने 3,01,500 रुपये व्यय दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है।
बावली में ही महाकौशल विकास प्राधिकरण की राशि से सीसी रोड सह प्रोटेक्शन वॉल निर्माण के लिए 14.50 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 14,49,673 रुपये व्यय दर्ज है। यहां भी पोर्टल पर मूल्यांकन राशि 0 दिखाई दे रही है।
*पुराने कार्य आज भी ‘चल रहे’*
सबसे बड़ा सवाल उन कार्यों को लेकर है जिन्हें वर्षों पहले स्वीकृति मिली, लेकिन उपलब्ध पोर्टल रिकॉर्ड में उनकी वर्तमान स्थिति अभी भी चल रहे प्रदर्शित हो रही है।
वर्ष 2015-16 में सीसी रोड सह नाली निर्माण कार्य के लिए 4.13 लाख रुपये की स्वीकृति दर्ज है और व्यय 55 हजार रुपये प्रदर्शित है। वर्ष 2016-17 के कई सीसी रोड, पानी की टंकी, रंगमंच तथा अन्य कार्य भी पोर्टल पर दर्ज हैं। इनमें कई कार्यों का व्यय शून्य अथवा आंशिक है, जबकि मूल्यांकन राशि भी शून्य दिखाई दे रही है।
यह स्थिति अपने आप में अनियमितता सिद्ध नहीं करती, लेकिन वर्षों पुराने कार्यों की वास्तविक भौतिक स्थिति और अभिलेखों का मिलान कराने की जरूरत जरूर सामने रखती है।
*2025-26 के कार्यों में भी मूल्यांकन शून्य*
मामला केवल पुराने कार्यों तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025-26 के कार्यों में भी पोर्टल पर मूल्यांकन राशि शून्य प्रदर्शित हो रही है।
ग्राम बावली में श्मशान घाट की ओर सीसी सड़क निर्माण के लिए 4.65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए और 4,62,213 रुपये व्यय दर्ज है। दूसरे चरण में इसी मार्ग से संबंधित एक अन्य सीसी सड़क के लिए 4.24 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 4,15,260 रुपये व्यय दर्ज है।
इसी तरह चौकी में स्टॉप डेम के गेट निर्माण के लिए 49 हजार रुपये की स्वीकृति के सामने 46,728 रुपये व्यय दर्ज है। इन कार्यों के सामने भी पोर्टल पर मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है।
*पंचायत भवन से लेकर पुलिया तक—एक ही सवाल*
बावली पंचायत के पोर्टल रिकॉर्ड में पंचायत भवन, सीसी सड़क, नाली, सामुदायिक शौचालय, सामुदायिक भवन, नाडेप, पुलिया, स्टॉप डेम, रंगमंच और विद्यालय भवन से संबंधित अनेक कार्य दर्ज हैं।
वर्ष 2024-25 में चौकी में पुलिया निर्माण के लिए 4.75 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 2,64,356 रुपये व्यय दर्ज है। वहीं 2023-24 में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपये की स्वीकृति तथा 2,47,456 रुपये व्यय दर्ज है।
सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख रुपये की स्वीकृति और 2,02,500 रुपये व्यय दर्ज है। इन दोनों मामलों में भी पोर्टल पर मूल्यांकन राशि शून्य प्रदर्शित हो रही है।
*स्वीकृति, व्यय और मूल्यांकन का मिलान कौन करेगा?*
पोर्टल पर दर्ज आंकड़े कई बुनियादी सवाल सामने रखते हैं—
– कार्य की स्वीकृत राशि और वास्तविक भुगतान का अंतिम मिलान किस स्तर पर हुआ?
– जिन कार्यों में व्यय दर्ज है, उनका तकनीकी मूल्यांकन पोर्टल पर शून्य क्यों है?
– वर्षों पुराने कार्य अब तक चल रहे क्यों प्रदर्शित हो रहे हैं?
– जिन कार्यों में पोर्टल स्वयं स्वीकृत राशि से अधिक व्यय का संकेत दे रहा है, वहां अतिरिक्त भुगतान किस आधार पर हुआ?
– क्या प्रत्येक कार्य की माप पुस्तिका (एमबी), तकनीकी मूल्यांकन, पूर्णता प्रमाण-पत्र और भुगतान वाउचर उपलब्ध हैं?
– जिन कार्यों को सीसी जारी दिखाया गया है, उनकी वास्तविक भौतिक स्थिति क्या है?
– क्या संबंधित कार्यों का स्थल निरीक्षण कर अभिलेखों से भौतिक कार्य का मिलान कराया गया?
*जांच हुई तो तस्वीर साफ होगी*
पोर्टल पर प्रदर्शित आंकड़ों के आधार पर किसी व्यक्ति या पंचायत पदाधिकारी पर सीधे वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन स्वीकृत राशि, दर्ज व्यय, मूल्यांकन राशि और वर्तमान स्थिति के बीच दिखाई दे रहे अंतर निश्चित रूप से दस्तावेजी एवं भौतिक सत्यापन का विषय हैं।
जरूरत इस बात की है कि जनपद पंचायत लखनादौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सिवनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित तकनीकी अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत बावली के इन कार्यों की जांच कराई जाए। प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, भुगतान, माप पुस्तिका, मूल्यांकन, पूर्णता प्रमाण-पत्र और स्थल की वर्तमान स्थिति का मिलान कराया जाए।
*सवाल सीधा है—जब सरकारी पोर्टल पर वर्षों पुराने कार्य दर्ज हैं और अनेक कार्यों में व्यय के बावजूद मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है, तो इन कार्यों का वास्तविक हिसाब-किताब आखिर किस अभिलेख में दर्ज है?*