नवलगांव पंचायत के विकास कार्यों के सरकारी पोर्टल में गंभीर सवाल..

स्वीकृति और व्यय के आंकड़ों में अंतर, कई वर्षों पुराने ...

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स्वीकृति और व्यय के आंकड़ों में अंतर, कई वर्षों पुराने काम अब भी ‘चल रहे’, मूल्यांकन राशि दर्ज शून्य — पंचायत के रिकॉर्ड पर उठे सीधे सवाल..

सिवनी/लखनादौन। जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवलगांव के विकास कार्यों से संबंधित सरकारी पोर्टल के उपलब्ध डेटा ने पंचायत स्तर पर कार्यों की प्रगति, व्यय और मूल्यांकन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोर्टल पर वर्ष 2013-14 से 2021-22 तक के विभिन्न निर्माण कार्य दर्ज हैं, लेकिन अनेक कार्यों में व्यय दर्ज होने के बावजूद मूल्यांकन राशि ₹0 प्रदर्शित हो रही है। कई पुराने कार्यों की स्थिति आज भी “चल रहे” दर्ज है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पोर्टल स्वयं कुछ कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय होने की चेतावनी प्रदर्शित कर रहा है। यह स्थिति सामान्य प्रशासनिक निगरानी का विषय नहीं, बल्कि संबंधित अभिलेखों, माप पुस्तिका, तकनीकी मूल्यांकन और भुगतान रिकॉर्ड के मिलान की मांग करती है।

*स्वीकृति से अधिक व्यय, पोर्टल ने खुद दर्ज की आपत्ति*

वर्ष 2017-18 के एक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य की स्वीकृत राशि ₹6,21,810 दर्ज है, जबकि पोर्टल पर व्यय ₹6,31,182 प्रदर्शित है। अर्थात उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार ₹9,372 अधिक व्यय दर्ज है। साथ ही मूल्यांकन राशि ₹0 है।

इसी प्रकार नागदहार क्षेत्र में वर्ष 2018-19 के एक सीसी रोड कार्य में स्वीकृति ₹1.70 लाख के रूप में दर्ज है, जबकि व्यय ₹1,68,030 दिखाया गया है। पोर्टल की टिप्पणी में इसे स्वीकृत राशि से अधिक व्यय बताया गया है, हालांकि प्रदर्शित आंकड़ों की इकाई/प्रविष्टि का संबंधित विभाग से सत्यापन आवश्यक है।

वर्ष 2017-18 के एक अन्य सीसी रोड कार्य में स्वीकृति ₹7.10 लाख और व्यय ₹3,62,352.50 दर्ज है। इसके बावजूद कार्य की स्थिति चल रहे और मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है।

*2013 का काम आज भी ‘चल रहे’!*

नवलगांव में वर्ष 2013-14 में विधायक निधि से रंगमंच निर्माण के लिए ₹1 लाख की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति दर्ज है। पोर्टल पर व्यय ₹18,119 और मूल्यांकन राशि ₹0 है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्षों पुराने इस कार्य की वर्तमान स्थिति अब भी चल रहे क्यों प्रदर्शित हो रही है?

इसी अवधि में नागदहार से सिहोरा की ओर ग्रेवल सड़क के लिए ₹5 लाख की स्वीकृति दर्ज है। इसमें ₹2.84 लाख व्यय दिखाया गया है, जबकि मूल्यांकन राशि फिर ₹0 है और स्थिति चल रहे दर्ज है।

*2015-16 के काम भी अधूरे रिकॉर्ड में*

वर्ष 2015-16 में नवलगांव में शिवराम के मकान से प्राथमिक शाला भवन की ओर सीसी रोड के लिए ₹5.27 लाख स्वीकृत हुए। पोर्टल पर व्यय ₹0 और मूल्यांकन राशि ₹0 है।

इसी अवधि में नागदहार में कैलाश अहीर के घर से नागदेव मंदिर तक सीसी रोड के लिए ₹2.36 लाख की स्वीकृति दर्ज है। यहां भी व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0 और स्थिति चल रहे दर्ज है।

पंचायत भवन में अतिरिक्त कार्य के लिए वर्ष 2015-16 में ₹99 हजार स्वीकृत होने के बावजूद पोर्टल पर व्यय और मूल्यांकन दोनों शून्य दर्ज हैं तथा कार्य की स्थिति चल रहे है।

*2019-20 के लाखों के काम, खर्च शून्य*

नागदहार में कई सीसी रोड कार्यों की वर्ष 2019-20 में स्वीकृति दर्ज है। इनमें एक कार्य के लिए ₹2.77 लाख तथा दूसरे के लिए ₹8.73 लाख की स्वीकृति दर्ज है। दोनों में पोर्टल पर व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0 और स्थिति चल रहे दिखाई दे रही है।

इसी प्रकार ग्राम स्वराज भवन मरम्मत के लिए ₹49 हजार की स्वीकृति दर्ज है, लेकिन व्यय और मूल्यांकन दोनों शून्य हैं।

*2020 के काम भी ‘चल रहे’*

वर्ष 2020-21 में नागदहार क्षेत्र में सीसी रोड-सह-नाली निर्माण के लिए ₹1.92 लाख तथा नवलगांव में प्रधानमंत्री रोड से तारा पटेल के घर तक सीसी रोड-सह-नाली के लिए ₹2.39 लाख की स्वीकृति दर्ज है। दोनों कार्यों में पोर्टल पर व्यय ₹0 और मूल्यांकन ₹0 प्रदर्शित है तथा स्थिति चल रहे है।

*रिकॉर्ड में मूल्यांकन शून्य, फिर भुगतान किस आधार पर?*

पंचायत के उपलब्ध पोर्टल रिकॉर्ड में सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी प्रश्न यही है कि जिन कार्यों में व्यय दर्ज है, वहां मूल्यांकन राशि ₹0 क्यों दर्ज है। निर्माण कार्यों के मामले में कार्य की वास्तविक मात्रा, गुणवत्ता और पूर्णता का परीक्षण तकनीकी अभिलेखों एवं माप पुस्तिका आदि से संबंधित होता है। इसलिए केवल पोर्टल की प्रविष्टि के आधार पर अनियमितता घोषित नहीं की जा सकती, लेकिन रिकॉर्ड का भौतिक और दस्तावेजी सत्यापन आवश्यक दिखाई देता है।

*जिम्मेदार अधिकारियों से इन बिंदुओं पर हो जांच*

मामले में संबंधित जनपद पंचायत, तकनीकी अमला, ग्राम पंचायत तथा जिला पंचायत स्तर से अभिलेखों का मिलान कराया जाना चाहिए—

प्रत्येक कार्य की माप पुस्तिका (एमबी) की जांच।

स्वीकृति आदेश और संशोधित स्वीकृति की जांच।

कार्यवार मजदूरी एवं सामग्री भुगतान का मिलान।

मूल्यांकन अधिकारी द्वारा दर्ज अभिलेखों की जांच।

पूर्णता प्रमाण-पत्र उपलब्ध है या नहीं।

वर्षों पुराने कार्यों को अब भी चल रहे दिखाने का कारण।

स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्शाने वाले कार्यों की विशेष जांच।

संबंधित कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन।

पंचायत के भुगतान वाउचर, बिल, तकनीकी स्वीकृति और उपयोगिता संबंधी अभिलेखों का मिलान।

सवाल सीधा है—यदि काम पूरे हो चुके हैं तो रिकॉर्ड में वर्षों से ‘चल रहे’ क्यों हैं? यदि काम पूरे नहीं हुए तो भुगतान और व्यय की स्थिति क्या है? और जिन कार्यों में मूल्यांकन राशि शून्य है, वहां दर्ज व्यय का तकनीकी आधार क्या है?

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