84.79 लाख की स्वीकृति, 42.59 लाख व्यय दर्ज; 33 में 23 काम अब भी चल रहे, 30 से अधिक कार्यों का मूल्यांकन शून्य..
सिवनी/लखनादौन। ग्राम पंचायत बीबी के विकास कार्यों से संबंधित सरकारी पोर्टल पर दर्ज आंकड़े पंचायत के वित्तीय और तकनीकी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। वर्ष 2012-13 से 2026-27 तक दर्ज 33 कार्यों में कुल ₹84.79 लाख की स्वीकृति दिखाई गई है, जबकि पोर्टल पर ₹42.59 लाख का व्यय दर्ज है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध रिकॉर्ड में हर कार्य के सामने मूल्यांकन राशि यानी मूल्यांकन राशि ₹0 दर्ज है।
यह अपने आप में वित्तीय अनियमितता सिद्ध नहीं करता, लेकिन जब लाखों रुपये का व्यय दर्ज हो और पोर्टल पर कार्य का मूल्यांकन दर्ज न हो, तो संबंधित कार्यों की माप पुस्तिका, तकनीकी मूल्यांकन, पूर्णता प्रमाण-पत्र, भुगतान वाउचर और वास्तविक स्थल सत्यापन की जांच आवश्यक हो जाती है। केंद्र के पंचायत कार्य-प्रोक्योरमेंट मैनुअल में कार्यों की प्रक्रिया और अभिलेखीकरण के लिए मानक दिए गए हैं।
*एक काम में स्वीकृति से अधिक व्यय*
सबसे सीधा सवाल व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्य पर है। इस कार्य की स्वीकृति ₹3.72 लाख है, जबकि पोर्टल पर व्यय ₹3,83,997 दर्ज है। यानी उपलब्ध आंकड़े के अनुसार ₹11,997 स्वीकृत राशि से अधिक खर्च दर्ज किया गया है।
पोर्टल स्वयं इस कार्य के सामने चेतावनी दर्ज करता है कि स्वीकृत राशि से अधिक व्यय हुआ है और साथ ही मूल्यांकन राशि ₹0 है।
*अब सवाल यह है कि—*
स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान किस प्रावधान के तहत हुआ? अतिरिक्त राशि की प्रशासनिक/तकनीकी स्वीकृति किसने दी? भुगतान किस अभिलेख के आधार पर हुआ? और कार्य का मूल्यांकन अभी तक पोर्टल पर क्यों दर्ज नहीं है?
*33 कामों का पूरा हिसाब*
पंचायत बीबी में दर्ज कार्यों को छिपाने की बजाय एक-एक कर सार्वजनिक जांच के सामने रखना जरूरी है।
1. सर्व शिक्षा अतिरिक्त कक्ष निर्माण — स्वीकृति ₹2.60 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
2. खेरसिंह के घर से शासकीय प्राथमिक शाला की ओर सीसी रोड — ₹6.42 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
3. सिवनीटोला में रंगमंच निर्माण — ₹1.50 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
4. मोहन के घर से सुखराम के घर तक सीसी रोड सह नाली — ₹3.50 लाख, व्यय ₹2,94,170, मूल्यांकन ₹0।
5. ग्राम बीबी व्यक्तिगत शौचालय निर्माण — ₹3.72 लाख, व्यय ₹3,83,997, यानी ₹11,997 अधिक; मूल्यांकन ₹0।
6. सिवनीटोला नवीन नल-जल पाइपलाइन विस्तार — ₹4.31 लाख, व्यय ₹2,51,365, मूल्यांकन ₹0।
7. समा के घर से इसराइल के घर तक सीसी रोड — ₹3,25,500, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
8. सार्वजनिक नल-जल पाइपलाइन विस्तार — ₹1.77 लाख, व्यय ₹48,170, मूल्यांकन ₹0।
9. छपरा नाला सिवनीटोला स्टॉपडेम — ₹7.10 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
10. खेरसिंग के घर से शिवप्रसाद के घर तक सीसी रोड — ₹2.11 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
11. बीबी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण — ₹5 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
12. सिवनीटोला रंगमंच निर्माण — विधायक निधि ₹1 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
13. बीबी रंगमंच निर्माण — विधायक निधि ₹1 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0।
14. सामुदायिक शौचालय निर्माण — ₹2.10 लाख, व्यय ₹1,88,849.85, मूल्यांकन ₹0।
15. नाडेप टांका निर्माण — ₹80,000, पूरा ₹80,000 व्यय दर्ज, मूल्यांकन ₹0।
16. सिवनीटोला लीचपिट निर्माण — ₹1.90 लाख, व्यय ₹1,33,000, मूल्यांकन ₹0।
17. सिवनीटोला आंगनवाड़ी भवन मरम्मत — ₹91,000, व्यय ₹16,609, मूल्यांकन ₹0।
18. पंचायत भवन गेट निर्माण — ₹86,000, व्यय ₹84,850, मूल्यांकन ₹0।
19. आंगनवाड़ी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग/भू-स्तर टंकी — ₹16,000, व्यय ₹14,000, मूल्यांकन ₹0।
20. सिवनीटोला हिल्लू के मकान की ओर सीसी सड़क — ₹7.05 लाख, व्यय ₹6,99,327, मूल्यांकन ₹0।
21. पंचायत भवन में अतिरिक्त कार्य — ₹50,000, व्यय ₹48,999, मूल्यांकन ₹0।
22. सिवनीटोला रिचार्ज शाफ्ट निर्माण — ₹4,400, व्यय ₹4,392, मूल्यांकन ₹0।
23. सिवनीटोला आंगनवाड़ी पोषण वाटिका निर्माण — ₹10,000, व्यय ₹10,000, मूल्यांकन ₹0।
24. शांतिधाम स्थल सिवनीटोला सीसी रोड एवं गेट निर्माण — ₹5 लाख, व्यय ₹4,99,977, मूल्यांकन ₹0।
25. शांतिधाम पहुंच मार्ग पर पुलिया निर्माण — ₹5 लाख, व्यय ₹4,97,967, मूल्यांकन ₹0।
26. सिवनीटोला आंगनवाड़ी भवन-1 बाल शौचालय — ₹36,000, व्यय ₹32,396, मूल्यांकन ₹0।
27. सोभाराम के घर से सुमन के घर तक सीसी रोड — ₹4.08 लाख, व्यय ₹3,64,002, मूल्यांकन ₹0; स्थिति सीसी जारी।
28. शासकीय तालाब बीबी में स्नान घाट निर्माण — ₹5 लाख, व्यय ₹4,99,982, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
29. समेर के घर से प्राथमिक शाला तक सीसी रोड — ₹3.72 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
30. भादू के घर के पास सीसी रोड में पुलिया — ₹1.40 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
31. शमा के घर के पास सीसी रोड में पुलिया — ₹1.40 लाख, व्यय ₹0, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
32. ग्राम बीबी आंगनवाड़ी शौचालय — ₹12,000, व्यय ₹12,000, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
33. ग्राम बीबी रंगमंच निर्माण, सांसद निधि — ₹1 लाख, व्यय ₹95,000, मूल्यांकन ₹0; स्थिति पूरा।
*स्थिति भी अपने आप में बड़ा सवाल*
रिकॉर्ड के अनुसार 33 कार्यों में—
– 3 कार्य — नया वर्क
– 23 कार्य — चल रहे
– 1 कार्य — सीसी जारी
– 6 कार्य — पूरा
*यानी वर्षों पुराने कई कार्य अभी भी चल रहे स्थिति में दर्ज हैं*
विशेष रूप से वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के कई कार्य आज तक चल रहे अथवा अन्य अपूर्ण स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ कार्यों को पूरा बताया गया है, लेकिन उन्हीं के सामने मूल्यांकन राशि ₹0 दर्ज है।
यहीं से प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—यदि काम वास्तव में पूर्ण हैं तो उनका तकनीकी मूल्यांकन और पूर्णता संबंधी रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दिखाई दे रहा? और यदि काम पूर्ण नहीं हैं तो पुराने कार्यों को वर्षों तक लंबित क्यों रखा गया?
*₹42.59 लाख का व्यय, लेकिन मूल्यांकन शून्य क्यों?*
33 कार्यों की उपलब्ध प्रविष्टियों का जोड़ बताता है कि लगभग ₹84.79 लाख की स्वीकृति के मुकाबले ₹42.59 लाख का व्यय दर्ज है। 12 कार्यों में व्यय शून्य है, जबकि एक कार्य में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्ज है।
मूल्यांकन राशि ₹0 रहने का कारण संबंधित विभागीय अभिलेखों से ही स्पष्ट होगा। इसलिए केवल पोर्टल के आधार पर राशि के दुरुपयोग का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन यह स्थिति स्थल निरीक्षण और रिकॉर्ड ऑडिट की मांग अवश्य करती है।
*अब अधिकारियों से सीधा सवाल*
जनपद पंचायत, जिला पंचायत और संबंधित तकनीकी अमले को यह स्पष्ट करना चाहिए—
1. 33 कार्यों की माप पुस्तिकाएं कहां हैं?
2. प्रत्येक कार्य का तकनीकी मूल्यांकन किस अधिकारी ने किया?
3. पोर्टल पर मूल्यांकन राशि शून्य क्यों है?
4. पूरा कार्यों की पूर्णता रिपोर्ट और पूर्णता प्रमाण-पत्र कहां हैं?
5. 2012-13 से पुराने कार्य आज भी चल रहे क्यों दर्ज हैं?
6. व्यक्तिगत शौचालय कार्य में ₹3.72 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹3,83,997 व्यय किस आधार पर दर्ज हुआ?
7. स्वीकृति से अधिक ₹11,997 की राशि के लिए सक्षम स्वीकृति किसने दी?
8. प्रत्येक भुगतान के पीछे बिल, वाउचर, माप पुस्तिका और तकनीकी सत्यापन उपलब्ध है या नहीं?
9. सीसी रोड, पुलिया, घाट, स्टॉपडेम, शौचालय, पाइपलाइन और भवन संबंधी कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कब हुआ?
10. यदि पोर्टल पर मूल्यांकन दर्ज नहीं है तो भुगतान और कार्य की वास्तविक मात्रा का सत्यापन किस आधार पर किया गया?
*जांच हो तो केवल कागज नहीं, जमीन भी देखी जाए*
मामला केवल पोर्टल की एक प्रविष्टि का नहीं है। 33 कार्यों की स्वीकृति, व्यय, स्थिति और मूल्यांकन को एक साथ देखने पर रिकॉर्ड की गुणवत्ता पर गंभीर प्रशासनिक प्रश्न सामने आते हैं।
इसलिए जांच केवल पंचायत कार्यालय की फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मौके पर नाप-जोख, माप पुस्तिका का मिलान, स्वीकृत प्राक्कलन बनाम वास्तविक निर्माण, भुगतान वाउचर, तकनीकी मूल्यांकन, फोटो/जियोटैग रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के अनुमोदन का मिलान किया जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश के सरकारी ई-सर्विस पोर्टल पर पंचायत मामलों में जांच, दायित्व निर्धारण एवं वसूली जैसी प्रक्रियाओं के प्रावधान सूचीबद्ध हैं; यदि जांच में वास्तविक वित्तीय या कार्यगत अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार जवाबदेही तय की जा सकती है।
*अब सवाल बीबी पंचायत से आगे जनपद और जिला स्तर की निगरानी व्यवस्था पर है*
क्या अधिकारी रिकॉर्ड में दर्ज इन 33 कार्यों का स्वतंत्र भौतिक सत्यापन कराएंगे?
क्या ₹11,997 अधिक व्यय वाली प्रविष्टि का कारण सार्वजनिक किया जाएगा?
और सबसे बड़ा सवाल—लाखों रुपये के कार्यों का मूल्यांकन पोर्टल पर शून्य रहने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?