मकरझिर पंचायत में विक कार्यों का हिसाब सवालों के घेरे में..

*पोर्टल पर कई कार्य ‘चल रहे’, मूल्यांकन दर्ज नहीं; कुछ ...

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*पोर्टल पर कई कार्य ‘चल रहे’, मूल्यांकन दर्ज नहीं; कुछ कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय का रिकॉर्ड*

लखनादौन। जनपद पंचायत लखनादौन अंतर्गत ग्राम पंचायत मकरझिर के विकास कार्यों से संबंधित सरकारी पोर्टल पर दर्ज आंकड़े पंचायत स्तर पर कार्यों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। उपलब्ध डेटा में कई निर्माण कार्य वर्षों से “चल रहे” दर्ज हैं, जबकि अनेक कार्यों के सामने स्पष्ट रूप से “कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है” लिखा हुआ है।

सबसे गंभीर स्थिति उन कार्यों की है, जिनमें पोर्टल ने स्वयं स्वीकृत राशि की तुलना में अधिक व्यय दर्ज होने की चेतावनी प्रदर्शित की है।

*स्वीकृत राशि से अधिक व्यय का रिकॉर्ड*

वर्क आईडी 100375593 में सीसी रोड एवं नाली निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति 6.77 लाख दर्ज है, जबकि पोर्टल पर व्यय ₹6,07,260 दर्ज है। डेटा में राशि 6.77 के रूप में दर्ज होने के कारण इसकी मूल स्वीकृति इकाई/अभिलेख का विभागीय सत्यापन आवश्यक है। इसी प्रविष्टि के सामने मूल्यांकन राशि 0 तथा मूल्यांकन दर्ज नहीं होने की टिप्पणी है।

वर्क आईडी 100378286 में सीसी रोड निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति ₹4,87,688 दर्ज है, जबकि व्यय ₹5,71,180.80 दर्ज है। यानी पोर्टल के अनुसार लगभग ₹83,492.80 अधिक व्यय दर्ज है। साथ ही मूल्यांकन राशि शून्य है।

वर्क आईडी 100444458 में सीसी रोड निर्माण के लिए ₹5 लाख की स्वीकृति दर्ज है, जबकि व्यय ₹2,22,350 दर्ज है। इस कार्य के सामने भी मूल्यांकन राशि 0 है और मूल्यांकन दर्ज नहीं होने की टिप्पणी है।

व्यक्तिगत शौचालय निर्माण वर्क आईडी 100511596 में स्वीकृत राशि ₹6,24,000 के विरुद्ध ₹6,47,700 व्यय दर्ज है। पोर्टल के अनुसार यहां भी ₹23,700 अधिक व्यय दर्ज है और मूल्यांकन राशि शून्य है।

पुराना कूप पुराई कार्य वर्क आईडी 101161259 में स्वीकृति ₹45,000 तथा व्यय ₹45,050 दर्ज है। पोर्टल ने इस कार्य में भी स्वीकृत राशि से अधिक व्यय की टिप्पणी दर्ज की है।

*वर्षों पुराने कार्य अब भी ‘चल रहे’*

रिकॉर्ड में वर्ष 2013-14 से लेकर 2025-26 तक के कई कार्य वर्तमान स्थिति में चल रहे दिखाई दे रहे हैं।

वर्ष 2013-14 के सीसी रोड निर्माण कार्य वर्क आईडी 100032273 में ₹5 लाख की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति दर्ज है, लेकिन व्यय ₹0 और मूल्यांकन 0 दर्ज है।

इसी प्रकार वर्ष 2018-19 के वर्क आईडी 100740293 में ₹76,500 की स्वीकृति के बावजूद व्यय शून्य दर्ज है। वर्ष 2017-18 के वर्क आईडी 100800630 में ₹5,73,750 की स्वीकृति दर्ज होने के बावजूद व्यय ₹0 है।

वर्ष 2021-22 के दो सीसी रोड कार्यों में भी व्यय ₹0 दर्ज है। सामुदायिक शौचालय निर्माण में ₹2,10,000 की स्वीकृति के विरुद्ध ₹1,88,234 व्यय दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि फिर भी 0 दिखाई जा रही है।

*2025-26 में भी वही तस्वीर*

वर्ष 2025-26 में ग्राम मकरझिर में सार्वजनिक सभा मंच निर्माण के लिए ₹2.70 लाख की स्वीकृति दर्ज है, जिसके विरुद्ध ₹2,03,847 व्यय दर्ज है। इस कार्य की वर्तमान स्थिति भी चल रहे तथा मूल्यांकन राशि 0 है।

इसी अवधि में विधायक निधि से किसानों के सार्वजनिक उपयोग हेतु नवीन ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए ₹3,63,900 स्वीकृत तथा ₹3,61,440 व्यय दर्ज है। इसके सामने भी मूल्यांकन राशि 0 दर्ज है।

प्रधानमंत्री सड़क से श्मशान घाट तक सीसी रोड निर्माण के लिए ₹1,64,000 की स्वीकृति के विरुद्ध ₹1,63,604 व्यय दर्ज है। यहां भी पोर्टल पर मूल्यांकन दर्ज नहीं होने की टिप्पणी है।

*जिम्मेदार अधिकारियों से सीधा सवाल*

सरकारी पोर्टल पर यदि किसी कार्य की वर्तमान स्थिति चल रहे है, तो संबंधित कार्य की वास्तविक भौतिक स्थिति क्या है?
यदि कार्य पूर्ण हो चुके हैं तो पोर्टल पर उन्हें पूर्ण क्यों नहीं किया गया?
यदि कार्य अपूर्ण हैं तो वर्षों से लंबित रहने के कारणों की जिम्मेदारी किसकी है?

जिन कार्यों में पोर्टल स्वयं स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्शा रहा है, उनमें अतिरिक्त भुगतान किस आधार पर हुआ? संबंधित माप पुस्तिका (एमबी), मूल्यांकन, पूर्णता प्रमाण-पत्र, भुगतान वाउचर, एफटीओ/भुगतान विवरण तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र की जांच किस स्तर पर की गई?

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि अनेक कार्यों में “मूल्यांकन राशि: 0” क्यों दर्ज है? बिना विधिवत मूल्यांकन और कार्य की वास्तविक भौतिक प्रगति के सत्यापन के भुगतान एवं कार्य पूर्णता संबंधी अभिलेख किस आधार पर तैयार किए गए?

*अब जांच से ही साफ होगी वास्तविक स्थिति*

यह आंकड़े अपने आप में किसी व्यक्ति विशेष पर अनियमितता सिद्ध नहीं करते, लेकिन सरकारी पोर्टल पर दर्ज अधिक व्यय, शून्य मूल्यांकन और वर्षों से चल रहे स्थिति प्रशासनिक जांच के लिए पर्याप्त दस्तावेजी प्रश्न जरूर खड़े करते हैं।

जनपद पंचायत लखनादौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिला पंचायत के संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि मकरझिर पंचायत के इन कार्यों की अभिलेखीय एवं भौतिक जांच कराई जाए। प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, व्यय, माप पुस्तिका, मूल्यांकन, भुगतान और वर्तमान स्थल स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि पोर्टल की प्रविष्टि और वास्तविक अभिलेखों में अंतर मिलता है तो शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाए।

मकरझिर के विकास कार्यों में सवाल अब केवल सड़क या निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों की जवाबदेही का है।

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