डोंगरगांव पंचायत के 29 कार्यों पर पोर्टल ने खड़े किए सवाल..

64.14 लाख स्वीकृत, 27.89 लाख व्यय दर्ज; 29 कार्यों में ...

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64.14 लाख स्वीकृत, 27.89 लाख व्यय दर्ज; 29 कार्यों में मूल्यांकन राशि शून्य..

लखनादौन। ग्राम पंचायत डोंगरगांव के विकास कार्यों का सरकारी पोर्टल डेटा खुद कई सवाल खड़े कर रहा है। वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक दर्ज 29 कार्यों में कुल 64.14 लाख रुपए की स्वीकृति दिखाई गई है, जबकि पोर्टल पर कुल 27.89 लाख रुपए का व्यय दर्ज है। सबसे गंभीर बिंदु यह है कि दिए गए डेटा में सभी 29 कार्यों के सामने मूल्यांकन राशि यानी मूल्यांकन राशि 0 दर्ज है और पोर्टल स्पष्ट लिख रहा है—“कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।”

मामला केवल पुराने कार्यों तक सीमित नहीं है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कई कार्य भी पोर्टल पर चल रहे दर्ज हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जिन कार्यों पर राशि खर्च हो चुकी है, उनका विधिवत मूल्यांकन और कार्य की वास्तविक भौतिक स्थिति पोर्टल पर क्यों दर्ज नहीं है?

*कागज पर सड़कें, खर्च भी दर्ज—मूल्यांकन गायब*

14वें वित्त आयोग से स्वीकृत सीसी सड़क के कई कार्य रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
गंधालाल के घर से पोंडी रोड तक 2.49 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध 46,408 रुपए व्यय दर्ज है।
रमेश के घर से हैंडपंप रोड तक 1.78 लाख स्वीकृत और 50 हजार व्यय दर्ज है।
रमाई के घर से खेमकरण के घेर तक 72 हजार स्वीकृत और 12,408 रुपए व्यय दर्ज हैं।
जग्गू के घर से भजन के घर तक 48 हजार स्वीकृत और 10,340 रुपए व्यय दर्ज हैं।

इसी तरह बुधवानी में सीसी रोड से हैंडपंप तक 2.85 लाख की स्वीकृति वाले कार्य में एक रिकॉर्ड पर व्यय शून्य है, जबकि दूसरे रिकॉर्ड में इसी नाम के कार्य पर 2.28 लाख रुपए व्यय दर्ज हैं। दोनों प्रविष्टियों की समानता और अलग-अलग वर्क आईडी भी जांच का विषय बनते हैं।

*एक नहीं, दो मामलों में स्वीकृति से ज्यादा खर्च*

सबसे सीधा सवाल वर्क आईडी 100502444 पर है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, डोंगरगांव के लिए 6.24 लाख रुपए स्वीकृत हैं, जबकि पोर्टल पर 9.11 लाख रुपए व्यय दर्ज है। यानी रिकॉर्ड के अनुसार 2.87 लाख रुपए स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्ज किया गया है। उसी प्रविष्टि में मूल्यांकन राशि फिर भी शून्य है।

दूसरा मामला सांसद निधि के रंगमंच निर्माण का है। यहां 1 लाख रुपए स्वीकृत हैं, जबकि व्यय 1.27 लाख रुपए दर्ज है। पोर्टल स्वयं इसे स्वीकृत राशि से अधिक व्यय बता रहा है।

यहां सवाल किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि रिकॉर्ड की जांच कराने का है। स्वीकृत राशि से अधिक व्यय किस प्रावधान के तहत हुआ? अतिरिक्त राशि की अनुमति किस स्तर से मिली? भुगतान किस आधार पर किया गया? और मूल्यांकन दर्ज किए बिना भुगतान/व्यय की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी?

*पुराने काम आज भी चल रहे*

रिकॉर्ड में कई पुराने कार्य वर्षों बाद भी चल रहे दिखाई दे रहे हैं।

2016-17 का पंचायत भवन बाउंड्रीवॉल कार्य 2.64 लाख रुपए का है।
2016-17 का ग्राम चौपाल/रंगमंच कार्य 1.50 लाख रुपए का है।
2016-17 का बुधवानी बोरिंग कार्य 1.14 लाख रुपए का है।
2017 का बाज्जी के घर से जयसिंह के घर तक सीसी रोड कार्य 1.63 लाख रुपए का है।
2017 का बसोरी के घर से हैंडपंप तक सीसी रोड कार्य 2.08 लाख रुपए का है।
2015-16 का बुधवानी सीसी सड़क सह नाली निर्माण 2.18 लाख रुपए का है।
2017-18 का कुआं सफाई एवं सुधार कार्य 49 हजार रुपए का है।
2018-19 का सामुदायिक शौचालय 48 हजार रुपए का है।
2018-19 के व्यक्तिगत शौचालय कार्यों में क्रमशः 7.20 लाख और 6.24 लाख रुपए की स्वीकृतियां दर्ज हैं।
2020-21 का आंगनवाड़ी भवन बाउंड्रीवॉल कार्य 2.62 लाख रुपए का है।

इतने पुराने कार्यों का वर्षों बाद भी चल रहे रहना अपने आप में प्रशासनिक परीक्षण का विषय है।

*नए काम भी उसी रास्ते पर*

वर्ष 2024-25 और 2025-26 में भी कई कार्य स्वीकृत हुए हैं।
शासकीय कुआं साफ-सफाई—49 हजार।
हरदौल दादा चबूतरा—65 हजार।
डोंगरगांव चबूतरा—1.94 लाख।
देवस्थान दादा जी बाउंड्रीवॉल—3 लाख।
शांति धाम तार फेंसिंग—1.71 लाख।
बुधवानी शांति धाम तार फेंसिंग—2.47 लाख।

इन सभी में पोर्टल पर मूल्यांकन राशि 0 दर्ज है।

*अधिकारियों के सामने अब सीधा सवाल*

यह डेटा केवल पंचायत का रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, भुगतान और मूल्यांकन की पूरी श्रृंखला जुड़ी है। तकनीकी स्वीकृति संबंधित तकनीकी अधिकारियों द्वारा जारी की गई, जबकि कई प्रशासकीय स्वीकृतियां ग्राम पंचायत स्तर पर दर्ज हैं।

*अब जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए—*

– 29 कार्यों का भौतिक सत्यापन कब हुआ?

– सभी कार्यों का मूल्यांकन पोर्टल पर दर्ज क्यों नहीं है?

– पुराने कार्य वर्षों से चल रहे क्यों हैं?

– वर्क आईडी 100502444 में 6.24 लाख के मुकाबले 9.11 लाख व्यय किस आधार पर दर्ज हुआ?

– वर्क आईडी 100760052 में 1 लाख के मुकाबले 1.27 लाख व्यय कैसे हुआ?

– बुधवानी के समान नाम वाले सीसी रोड कार्यों की दो अलग वर्क आईडी में दर्ज स्थिति क्या है?

– शून्य मूल्यांकन के बावजूद दर्ज व्यय का माप, एमबी, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड क्या कहता है?

*अब फाइल नहीं, मौके पर जांच जरूरी*

जिला पंचायत और जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों को केवल पोर्टल की स्थिति देखकर मामला बंद करने के बजाय मौके पर पहुंचकर जांच करनी होगी। तकनीकी अमले से प्रत्येक कार्य की लंबाई, चौड़ाई, सामग्री, गुणवत्ता और वास्तविक पूर्णता की जांच कराई जानी चाहिए। संबंधित माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण, मूल्यांकन पत्रक और पूर्णता प्रमाणपत्र से पोर्टल के आंकड़ों का मिलान जरूरी है।

क्योंकि सवाल 29 कार्यों का है और राशि लाखों में है।
पोर्टल पर मूल्यांकन शून्य है तो प्रशासन को अब जवाब शून्य नहीं रखना चाहिए।

जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षा है कि रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करें और जहां रिकॉर्ड में विसंगति मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई करें।

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