सेलुआ पंचायत के 43 कार्यों का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में

वर्षों पुराने काम अब भी ‘चल रहे’ और ‘सीसी जारी’, ...

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वर्षों पुराने काम अब भी ‘चल रहे’ और ‘सीसी जारी’, 43 में मूल्यांकन राशि शून्य; स्वीकृति से अधिक भुगतान वाले काम भी सामने आए

लखनादौन। ग्राम पंचायत सेलुआ के पंचायत पोर्टल पर दर्ज कार्यों का डेटा सरकारी रिकॉर्ड की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उपलब्ध 43 कार्यों के रिकॉर्ड में अनेक कार्यों के सामने “मूल्यांकन राशि: 0 — कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है” दर्ज है। कई पुराने कार्य वर्षों से सीसी जारी स्थिति में हैं, जबकि कुछ कार्यों को पोर्टल पर चल रहे दिखाया जा रहा है।

रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2012 से 2026 तक के कार्य इस सूची में दर्ज हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कार्यों पर लाखों रुपये का व्यय दर्ज है, तब उनका मूल्यांकन पोर्टल पर शून्य क्यों है?

*चार कार्यों में स्वीकृति से अधिक व्यय*

पोर्टल रिकॉर्ड में कम से कम चार कार्य ऐसे हैं, जिनमें सिस्टम ने स्वयं स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्शाया है।

वर्क आईडी 100496633 में स्वीकृति ₹2,16,000 और व्यय ₹2,16,000.01 दर्ज है।

वर्क आईडी 100496643 में स्वीकृति ₹3,60,000 के मुकाबले व्यय ₹3,72,000 दर्ज है। यानी ₹12,000 अधिक।

वर्क आईडी 101076797 में स्वीकृति ₹2,10,000 के मुकाबले व्यय ₹2,10,545 दर्ज है।

सबसे गंभीर असामान्यता वर्क आईडी 100271837 में दिखाई देती है। इसमें स्वीकृत राशि ₹4.10 दर्ज है, जबकि व्यय ₹2,11,012 दर्ज है। पोर्टल ने स्वयं इसे स्वीकृत राशि से अधिक व्यय के रूप में चिह्नित किया है। यह रिकॉर्ड वास्तविक स्वीकृति राशि, डेटा-एंट्री अथवा भुगतान अभिलेख में से किस स्तर पर गड़बड़ी है, इसकी जांच मांगता है।

*2018 के शौचालय कार्य आज भी ‘चल rhe*

वर्क आईडी 100517976 में वर्ष 2018-19 का सामुदायिक शौचालय कार्य ₹1.20 लाख का है। पूरा ₹1.20 लाख व्यय दर्ज है, लेकिन स्थिति चल रहे और मूल्यांकन राशि शून्य है।

इसी तरह वर्क आईडी 100814246 में वर्ष 2019-20 के आंगनवाड़ी शौचालय की स्वीकृत राशि ₹48,000 है, व्यय ₹24,000 दर्ज है और स्थिति अब भी चल रहे है।

वर्क आईडी 100496633 तथा 100496643 में भी 2018-19 के शौचालय कार्यों का रिकॉर्ड चल रहे है, जबकि क्रमशः ₹2,16,000.01 और ₹3,72,000 व्यय दर्ज हैं।

*सवाल सीधा है—आठ साल पुराने कार्य आज भी चल रहे क्यों हैं और उनका मूल्यांकन दर्ज क्यों नहीं है?*

*नए काम भी मूल्यांकन शून्य*

वर्ष 2025-26 और 2026-27 के कार्यों में भी यही स्थिति दिखाई देती है।

वर्क आईडी 101359881 में शांति धाम गुदर्रा की सीसी रोड के लिए ₹5.90 लाख स्वीकृत हैं और ₹5,88,022.50 व्यय दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है और स्थिति चल रहे है।

वर्क आईडी 101382708 में शांति धाम रोड गुदर्रा पुलिया के लिए ₹6.25 लाख स्वीकृत हैं। ₹2,10,550.90 व्यय दर्ज है, फिर भी मूल्यांकन राशि शून्य और स्थिति चल रहे है।

वर्ष 2025-26 के वर्क आईडी 101261427 में बांद्रा सीसी रोड के लिए ₹9.85 लाख स्वीकृत और ₹9,69,518 व्यय दर्ज है। स्थिति पूरा है, लेकिन मूल्यांकन राशि फिर भी 0 दर्ज है।

*लाखों के पुराने काम, खर्च शून्य*

रिकॉर्ड में कई ऐसे कार्य भी हैं जिनकी स्थिति सीसी जारी है, लेकिन व्यय ₹0 दर्ज है।

*इनमें प्रमुख है*

– बांद्रा आंगनवाड़ी भवन — ₹5 लाख, व्यय ₹0।

– सेलुआ खैरमाई मंदिर से मेन रोड तक सीसी रोड — ₹7.70 लाख, व्यय ₹0।

– गुदर्रा प्राथमिक शाला की बाउंड्रीवाल — ₹6.54 लाख, व्यय ₹0।

– भैसंवाही पनहारी रास्ता सीसी रोड — ₹4,03,750, व्यय ₹0।

– नलजल योजना पाइपलाइन/मोटर पंप मरम्मत — ₹1.15 लाख, व्यय ₹0।

– खैरमाई मंदिर से दुर्गाप्रसाद के घर तक सीसी रोड — ₹8,08,650, व्यय ₹0।

– बांद्रा आंगनवाड़ी भवन का एक अन्य कार्य — ₹5 लाख, व्यय ₹0।

– बांद्रा घाट निर्माण — ₹10 लाख, व्यय ₹0।

– सेलुआ प्राथमिक शाला अतिरिक्त कक्ष — ₹3.03 लाख, व्यय ₹0।

– वर्ष 2016 के बांद्रा, भैसंवाही और गुदर्रा के कूप कार्यों में भी व्यय ₹0 दर्ज है।

यहां प्रशासन को स्पष्ट करना होगा कि सीसी जारी का वास्तविक अर्थ क्या है, कार्य भौतिक रूप से पूरा हुआ या नहीं, भुगतान हुआ या नहीं और यदि कार्य पूरा है तो मूल्यांकन क्यों नहीं हुआ।

*एक ही काम, अलग-अलग रिकॉर्ड भी जांच योग्य*

वर्क आईडी 101076788 में तकनीकी स्वीकृति ₹9.09 लाख है, जबकि प्रशासनिक स्वीकृति ₹10.36 लाख दर्ज है।
वर्क आईडी 100135285 में तकनीकी स्वीकृति ₹19,700 है, जबकि प्रशासनिक स्वीकृति केवल ₹1,970 दर्ज है।

ये अंतर अपने आप में अनियमितता साबित नहीं करते, लेकिन मूल स्वीकृति आदेश और भुगतान अभिलेख से मिलान आवश्यक बनाते हैं।

*दो नाडेप टैंक, दोनों में मूल्यांकन शून्य*

भैसंवाही के सामुदायिक नाडेप टैंक के दो कार्य—वर्क आईडी 101141907 और 101141908—में प्रत्येक की स्वीकृति ₹16,000 तथा व्यय ₹14,700.50 दर्ज है। दोनों की स्थिति सीसी जारी है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है।

*रिकॉर्ड में सबसे बड़ा सवाल—मूल्यांकन आखिर करेगा कौन?*

43 कार्यों की उपलब्ध सूची में बार-बार एक ही टिप्पणी दिखाई देती है—
“कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।”

जब सरकारी पोर्टल पर लाखों रुपये का व्यय दर्ज हो, तब मूल्यांकन का रिकॉर्ड शून्य रहना केवल आंकड़ा भर नहीं है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि कार्य की वास्तविक गुणवत्ता, मात्रा और मौके पर निष्पादन का सत्यापन किस आधार पर किया गया?

*अधिकारियों से सीधे सवाल*

जनपद पंचायत लखनादौन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी और संबंधित तकनीकी अधिकारियों को सेलुआ पंचायत के इन 43 कार्यों का रिकॉर्ड सामने रखकर जवाब देना चाहिए—

1. कितने कार्य वास्तव में मौके पर पूर्ण हैं?

2. कितने कार्यों का तकनीकी मूल्यांकन हुआ?

3. पोर्टल पर मूल्यांकन राशि बार-बार शून्य क्यों है?

4. स्वीकृति से अधिक व्यय वाले कार्यों में अतिरिक्त भुगतान किस आदेश के आधार पर हुआ?

5. वर्क आईडी 100271837 में ₹4.10 की स्वीकृति और ₹2,11,012 व्यय कैसे दर्ज हुआ?

6. 2018-19 और 2019-20 के कार्य अभी तक चल रहे क्यों हैं?

7. सीसी जारी वाले पुराने कार्यों का भौतिक सत्यापन कब हुआ?

8. जिन कार्यों में व्यय ₹0 है, उनके नाम पर सीसी जारी किस आधार पर किया गया?

9. तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति में अंतर वाले कार्यों की मूल फाइल किस अधिकारी ने स्वीकृत की?

10. क्या सभी 43 कार्यों का मौका निरीक्षण, माप पुस्तिका, मूल्यांकन, भुगतान वाउचर और पूर्णता प्रमाणपत्र से मिलान कराया जाएगा?

अब गेंद प्रशासन के पाले में है। पंचायत पोर्टल पर दर्ज ये आंकड़े किसी निष्कर्ष के बजाय जांच के लिए पर्याप्त सवाल खड़े करते हैं। यदि रिकॉर्ड सही है तो प्रशासन उसे स्पष्ट करे लेकिन लाखों रुपये के कार्यों का मूल्यांकन शून्य छोड़कर जवाबदेही से बचने की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।

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