कहीं स्वीकृति से ज्यादा खर्च, कहीं मूल्यांकन शून्य; वर्षों से ‘चल रहे’ दिख रहे काम..
लखनादौन। ग्राम पंचायत थांवरी के पंचायत पोर्टल पर दर्ज विकास कार्यों का डेटा सरकारी रिकॉर्ड की निगरानी व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर रहा है। वर्ष 2015 से 2026 तक दर्ज 11 कार्यों में कई जगह व्यय और स्वीकृत राशि के आंकड़ों में अंतर है, जबकि अधिकांश कार्यों में “मूल्यांकन राशि : 0 — कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है” दर्ज है।
सबसे गंभीर मामला वर्क आईडी 100407364 का है। 14वें वित्त आयोग से दर्ज सीसी सड़क एवं नाली निर्माण की स्वीकृत राशि डेटा में 7.58 दिखाई गई है, जबकि व्यय ₹8,18,590 दर्ज है। पोर्टल स्वयं स्वीकृति से अधिक व्यय होने की चेतावनी दिखा रहा है। काम की स्थिति आज भी चल रहे है और मूल्यांकन राशि शून्य है।
वर्क आईडी 100604508 में सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति 5.86 दर्ज है, जबकि व्यय ₹4,95,000 और स्थिति चल रहे है। यहां भी पोर्टल पर मूल्यांकन दर्ज नहीं है।
वर्क आईडी 100236810 में ₹5,31,500 की स्वीकृति के मुकाबले ₹1,66,000 व्यय दर्ज है। काम अभी भी चल रहे है और मूल्यांकन शून्य है।
*नई स्वीकृतियां, पुरानी समस्या*
2021-22 के सामुदायिक शौचालय निर्माण में ₹2.10 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹1,88,784 व्यय दर्ज है, लेकिन काम अभी भी चल रहे और मूल्यांकन शून्य है।
2024-25 में आंगनवाड़ी भवन के लिए ₹11.22 लाख स्वीकृत हुए, व्यय ₹2,71,567 दर्ज है और स्थिति चल रहे है। यहां भी मूल्यांकन राशि शून्य है।
2025-26 में शांतिधाम रोड पर पुलिया निर्माण के लिए ₹4.59 लाख स्वीकृत हैं, लेकिन व्यय शून्य और स्थिति चल रहे दर्ज है।
2026-27 के सीसी रोड निर्माण में ₹12.84 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹11,21,089 व्यय दर्ज है। काम चल रहे है और मूल्यांकन अभी भी शून्य दिख रहा है।
*पूर्ण काम भी मूल्यांकन से बाहर*
पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल के लिए ₹4.72 लाख स्वीकृत हुए और ₹4,71,512 व्यय दर्ज है। पोर्टल पर काम पूरा है, लेकिन मूल्यांकन राशि फिर भी 0 है।
सांसद निधि से रंगमंच निर्माण में ₹1.25 लाख की स्वीकृति के मुकाबले ₹1,58,300 व्यय दर्ज है। यहां भी पोर्टल स्वीकृत राशि से अधिक व्यय की चेतावनी देता है। काम पूरा दिख रहा है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है।
*पुराने कामों का हिसाब कौन देगा?*
2015-16 का ₹2.08 लाख का सीसी रोड कार्य नया वर्क दिख रहा है और व्यय शून्य है। वर्ष 2018-19 के एक अन्य सीसी रोड कार्य में ₹5.10 लाख स्वीकृत हैं, व्यय शून्य है, फिर भी स्थिति चल रहे दर्ज है।
सवाल सीधा है—पुराने वर्षों के कार्य आज तक पोर्टल पर किस आधार पर लंबित हैं? जिन कार्यों को पूर्ण बताया गया, उनका मूल्यांकन कहां है? और जिन कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय दर्ज है, उस अतिरिक्त भुगतान की स्वीकृति किस स्तर से हुई?
*अब रिकॉर्ड की जांच जरूरी*
मामला केवल सड़क या भवन निर्माण का नहीं, बल्कि स्वीकृति, व्यय, माप-पुस्तिका, मूल्यांकन, भुगतान और कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र के आपसी मिलान का है।
जिला पंचायत सीईओ सिवनी, जनपद पंचायत लखनादौन के सीईओ और संबंधित तकनीकी अधिकारियों को पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक कार्य की मूल फाइल, एमबी, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और मूल्यांकन रिकॉर्ड का मिलान कराना चाहिए।
यदि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े सही हैं तो स्वीकृति से अधिक व्यय और शून्य मूल्यांकन का कारण सार्वजनिक किया जाए। यदि पोर्टल का डेटा गलत है तो उसे किस अधिकारी ने और किस आधार पर गलत रहने दिया—इसका भी जवाब सामने आना चाहिए।
थांवरी पंचायत का रिकॉर्ड अब सिर्फ पोर्टल की एंट्री नहीं रहा। यह प्रशासन की निगरानी व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है।