मड़ई पंचायत के 44 कार्यों का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में..

लाखों के काम, पोर्टल पर मूल्यांकन शून्य; कई जगह स्वीकृति ...

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लाखों के काम, पोर्टल पर मूल्यांकन शून्य; कई जगह स्वीकृति से अधिक व्यय का रिकॉर्ड..

लखनादौन। ग्राम पंचायत मड़ई के शासकीय कार्यों के पोर्टल डेटा की पड़ताल में 44 कार्य दर्ज मिले हैं। रिकॉर्ड में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अनेक कार्यों में व्यय दर्ज होने के बावजूद मूल्यांकन राशि लगातार 0 दिख रहा है। पोर्टल स्वयं टिप्पणी कर रहा है—“कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।”

*2016 से 2026 तक के रिकॉर्ड में यही स्थिति*

पोर्टल के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2025-26 तक मड़ई पंचायत में आंगनवाड़ी भवन, पुलिया, सीसी सड़क, घाट, रंगमंच, यात्री प्रतीक्षालय, नलजल, नाडेप, लीचपिट, सामुदायिक शौचालय, स्कूल बाउंड्रीवॉल, शेड तथा पंचायत भवन से जुड़े कार्य दर्ज हैं।

कई कार्यों में खर्च लगभग स्वीकृत राशि के बराबर दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है। ऐसे में सवाल सीधा है—काम का तकनीकी मूल्यांकन और पूर्णता की पुष्टि किस आधार पर हुई?

*रिकॉर्ड में स्वीकृति से अधिक व्यय का संकेत*

वर्क आईडी 100208830 में तकनीकी स्वीकृति 2.24 दर्ज है, जबकि व्यय ₹93,030 दिखाया गया है। पोर्टल ने स्वयं इसे स्वीकृत राशि से अधिक व्यय बताया है और साथ ही मूल्यांकन राशि 0 दर्ज है।

इसी तरह वर्क आईडी 100101578 में स्वीकृति 1.01 दर्ज है और व्यय ₹80,030.40 दिखाया गया है। पोर्टल पर यहां भी स्वीकृत राशि से अधिक व्यय तथा मूल्यांकन दर्ज नहीं होने की टिप्पणी है।

अब प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पोर्टल में राशि किस इकाई में दर्ज है, स्वीकृत राशि और व्यय का वास्तविक तुलनात्मक हिसाब क्या है तथा इन दोनों कार्यों का भुगतान किस आधार पर हुआ।

*₹14.24 लाख खर्च, फिर भी मूल्यांकन शून्य*

वर्क आईडी 100586009 में ₹15 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹14,24,213 व्यय दर्ज है। स्थिति सीसी जारी है, लेकिन मूल्यांकन राशि है।

इसी तरह वर्क आईडी 100446326 में ₹4,99,000 की स्वीकृति के विरुद्ध ₹4,98,820 खर्च दर्ज है। वर्क आईडी 100505688 में ₹4 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹3,99,969 व्यय दर्ज है। दोनों में मूल्यांकन राशि शून्य है।

*2022-23 के छोटे-छोटे कार्य भी जांच के दायरे में*

Solid and Liquid Waste Management के अंतर्गत नाडेप और लीचपिट के कई कार्य दर्ज हैं। अधिकांश में ₹16 हजार अथवा ₹19 हजार की स्वीकृति के लगभग पूरा व्यय दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि 0 है।

उदाहरण के तौर पर वर्क आईडी 101075525, 101075528, 101075530, 101075531, 101075535, 101075541, 101075543 तथा वर्क आईडी 101132067, 101132070, 101132072, 101132075, 101132076 में यही स्थिति दिखाई देती है।

*सवाल यह है कि छोटे-छोटे निर्माण कार्यों का भी मूल्यांकन दर्ज क्यों नहीं हुआ?*

*2024-25 और 2025-26 के काम भी अछूते नहीं*

वर्क आईडी 101145169 में सार्वजनिक कूप जीर्णोद्धार के लिए ₹49,000 स्वीकृत और ₹48,830 खर्च दर्ज है।
वर्क आईडी 101145180 में ₹49,000 के विरुद्ध ₹48,765 खर्च दर्ज है।
वर्क आईडी 101208518 में स्कूल बाउंड्रीवॉल के लिए ₹4,95,000 स्वीकृत और ₹4,94,535 खर्च दर्ज है।
वर्क आईडी 101277848 में शांतिधाम शेड के लिए ₹4,03,000 स्वीकृत और ₹4,02,933.80 खर्च दर्ज है।
वर्क आईडी 101336834 में ग्राम स्वराज भवन के अतिरिक्त कार्य के लिए ₹92,000 स्वीकृत और ₹91,780 खर्च दर्ज है।

*इन सभी में पोर्टल पर मूल्यांकन राशि 0 दर्ज है।*

*कुछ कार्यों में खर्च शून्य, फिर भी स्थिति पूरा/सीसी जारी*

रिकॉर्ड में कई ऐसे कार्य भी हैं जिनमें व्यय 0.00 है, जबकि वर्तमान स्थिति: पूरी हो गई अथवा सीसी जारी दिख रहा है।

उदाहरण—
वर्क आईडी 100769495, ₹2,72,000 — व्यय ₹0, सीसी जारी।
वर्क आईडी 100776532, ₹1,10,000 — व्यय ₹0, सीसी जारी।
वर्क आईडी 100270192, ₹9.90 लाख — व्यय ₹0, सीसी जारी।
वर्क आईडी 100277450, ₹1.23 लाख — व्यय ₹0, सीसी जारी।
वर्क आईडी 100342820, ₹2 लाख — व्यय ₹98,816, सीसी जारी।
वर्क आईडी 100000784, ₹5.50 लाख — व्यय ₹0, पूरा।
वर्क आईडी 100096318, ₹5 लाख — व्यय ₹0, पूरा।
वर्क आईडी 100846578, ₹2 लाख — व्यय ₹0, पूरा।

*यहां भी सवाल है कि जब पोर्टल पर खर्च शून्य है तो कार्य पूर्ण कैसे दर्ज हुआ अथवा सीसी कैसे जारी हुई?*

*प्रशासन से सीधे सवाल*

जिला पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित तकनीकी अधिकारियों को मड़ई पंचायत के इन सभी कार्यों का रिकॉर्ड सामने रखकर जांच करनी चाहिए—

1. जिन कार्यों में मूल्यांकन राशि 0 है, उनका वास्तविक मूल्यांकन किसने किया?

2. जिन कार्यों में व्यय दर्ज है, उनके भुगतान व माप पुस्तिका का आधार क्या है?

3. स्वीकृति और व्यय में अंतर वाले कार्यों की वित्तीय जांच हुई या नहीं?

4. ₹0 व्यय वाले पूरा/सीसी जारी कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है?

5. प्रत्येक कार्य की एमबी, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण, तकनीकी मूल्यांकन और पूर्णता प्रमाणपत्र सार्वजनिक किए जाएं।

6. मौके पर भौतिक सत्यापन कर पोर्टल रिकॉर्ड से मिलान कराया जाए।

*अब गेंद प्रशासन के पाले में*

मड़ई पंचायत के 44 कार्यों का पोर्टल रिकॉर्ड सामान्य डेटा मानकर छोड़ने का विषय नहीं है। रिकॉर्ड में मूल्यांकन शून्य, शून्य व्यय के बावजूद पूरा/सीसी जारी और स्वीकृति-व्यय से जुड़ी विसंगतियां स्वयं पोर्टल पर दिखाई दे रही हैं।

*अब जिला प्रशासन यह बताए कि रिकॉर्ड सही है तो मौके पर काम कितना हुआ और रिकॉर्ड गलत है तो जिम्मेदारी किसकी है?*

जांच का जवाब कागजों से नहीं, मौके के भौतिक सत्यापन, एमबी और भुगतान रिकॉर्ड के मिलान से सामने आना चाहिए।

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