डाला पंचायत के 65 कार्यों का हिसाब, मूल्यांकन शून्य..

2.20 करोड़ की स्वीकृति, 1.60 करोड़ खर्च दर्ज; पोर्टल पर ...

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2.20 करोड़ की स्वीकृति, 1.60 करोड़ खर्च दर्ज; पोर्टल पर 65 कामों की मूल्यांकन राशि ‘0’

लखनादौन। जनपद पंचायत लखनादौन की ग्राम पंचायत डाला के उपलब्ध कार्य-पोर्टल डेटा ने पंचायत निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2008-09 से वर्ष 2025-26 तक दर्ज 65 कार्यों में लगभग ₹2.20 करोड़ की स्वीकृत राशि और करीब ₹1.60 करोड़ का व्यय दर्ज है। इसके बावजूद उपलब्ध रिकॉर्ड में हर कार्य की मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है।

मामला केवल रिकॉर्ड की कमी तक सीमित नहीं है। पोर्टल पर कई कार्यों में भारी राशि खर्च दर्ज है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है। ऐसे में सवाल उठता है कि कार्य पूर्णता, गुणवत्ता और वास्तविक भौतिक स्थिति का मूल्यांकन किस स्तर पर और किस आधार पर किया गया?

*स्वीकृति से ज्यादा खर्च, पोर्टल ने खुद लगाया सवाल*

वर्क आईडी 100494333 में व्यक्तिगत शौचालय के लिए ₹2.16 लाख स्वीकृत हैं, जबकि व्यय ₹2,22,080 दर्ज है। यानी पोर्टल के अनुसार स्वीकृत राशि से ₹6,080 अधिक व्यय दर्ज है।

इसी तरह वर्क आईडी 101276002 में सीसी रोड के लिए ₹2,64,706 स्वीकृत हैं, जबकि व्यय ₹2,68,475 दर्ज है। यहां भी ₹3,769 अधिक व्यय दर्ज है।

अर्थात उपलब्ध रिकॉर्ड में कम से कम इन दो कार्यों में कुल ₹9,849 का स्वीकृति से अधिक व्यय दर्ज है। यह अंतर किस स्वीकृति, संशोधन या नियम के आधार पर हुआ—इसका जवाब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को रिकॉर्ड सहित देना चाहिए।

*14 कार्यों में खर्च शून्य, फिर ‘सीसी जारी’ कैसे?*

रिकॉर्ड का दूसरा बड़ा बिंदु पुराने कार्यों से जुड़ा है। 14 कार्यों में व्यय ₹0 दर्ज है, जबकि उनकी वर्तमान स्थिति सीसी जारी दिखाई गई है।

इनमें वर्ष 2016-17 और 2017-18 के कई सीसी रोड एवं कूप कार्य शामिल हैं। कुछ कार्यों की स्वीकृति लाखों रुपये में है, लेकिन पोर्टल पर व्यय शून्य दर्ज है।

*उदाहरण के लिए—*

– वर्क आईडी 100241834 — स्वीकृति ₹2,14,000, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100265435 — स्वीकृति ₹1,91,750, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100265482 — स्वीकृति ₹2,44,800, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100265490 — स्वीकृति ₹4,89,600, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100340476 — स्वीकृति ₹3,18,240, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100355592 — स्वीकृति ₹1,37,700, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100069800 — स्वीकृति ₹1,00,000, व्यय ₹0।

– वर्क आईडी 100095760 — आंगनवाड़ी भवन के लिए ₹4,00,000 स्वीकृत, व्यय ₹0।

*इन सभी में मूल्यांकन राशि भी ₹0 दर्ज है।*

*पुराने काम रिकॉर्ड में जिंदा, जमीन पर स्थिति कौन बताएगा?*

वर्ष 2008-09 के माध्यमिक शाला भवन से लेकर 2013-14 के स्टेडियम/रंगमंच, 2015-16 के आंगनवाड़ी भवन और 2016-17 से 2017-18 के अनेक सड़क एवं कूप निर्माण कार्य रिकॉर्ड में मौजूद हैं।

वर्क आईडी 100560879 में वर्ष 2008-09 का माध्यमिक शाला भवन निर्माण दर्ज है। स्वीकृति ₹7.11 लाख और व्यय केवल ₹74,496 दर्ज है।

वहीं वर्क आईडी 100069800 वर्ष 2013-14 का कार्य है, जिसमें ₹1 लाख स्वीकृति और ₹0 व्यय दर्ज है।

इतने पुराने कार्यों का रिकॉर्ड आज भी स्पष्ट मूल्यांकन के बिना क्यों दिखाई दे रहा है—यह सवाल पंचायत से ज्यादा तकनीकी और प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था से जुड़ता है।

*2024-25 और 2025-26 के काम भी जांच के घेरे में*

हाल के वर्षों के कार्यों में भी लगभग हर जगह मूल्यांकन शून्य दर्ज है।

*वर्ष 2025-26 में—*

– ज्वारा प्राथमिक शाला छत मरम्मत — ₹49,700।

– डाला प्राथमिक शाला छत मरम्मत — ₹49,589।

– सभामंच चैनल गेट एवं फर्सीकरण — ₹78,635।

– शांतिधाम चबूतरा — ₹1,69,862।

– ज्वारा एवं डाला के स्कूल भवनों की कई मरम्मतें — ₹35 हजार से ₹49 हजार तक।

– डाला सीसी रोड — ₹2,64,706 स्वीकृत, ₹2,68,475 व्यय।

*इन सभी में पोर्टल पर मूल्यांकन राशि ₹0 दर्ज है।*

*पुलिया और घाट निर्माण में भी बड़ा खर्च*

*डाला पंचायत में पुलिया एवं घाट निर्माण के कई कार्य लाखों रुपये के हैं।*

वर्क आईडी 101326762 में सिहोरा रैयत पुलिया निर्माण के लिए ₹15 लाख स्वीकृत हैं और ₹14,98,489 व्यय दर्ज है।

वर्क आईडी 101100935 में डाला पुलिया निर्माण के लिए ₹14.97 लाख स्वीकृत और ₹14,96,861 व्यय दर्ज है।

वर्क आईडी 101100929 में सिहोरा अनुसूचित जाति बस्ती पुलिया के लिए ₹14.88 लाख स्वीकृत और ₹14,87,991 व्यय दर्ज है।

इतनी बड़ी राशि वाले निर्माण कार्यों में भी पोर्टल पर मूल्यांकन राशि शून्य होना सामान्य पाठक के लिए नहीं, बल्कि तकनीकी अमले के लिए सीधा जवाबदेही का प्रश्न है।

*अब सवाल पंचायत से आगे अधिकारियों से*

यह मामला केवल सरपंच-सचिव के खाते तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। जब रिकॉर्ड में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति, व्यय और कार्य की स्थिति दर्ज होती है तो तकनीकी मूल्यांकन, माप पुस्तिका, पूर्णता प्रमाण-पत्र और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच जरूरी है।

*जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी, संबंधित उपयंत्री/सहायक यंत्री, सीईओ जनपद पंचायत तथा जिला पंचायत स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों से यह स्पष्ट होना चाहिए कि—*

1. 65 कार्यों की मूल्यांकन राशि शून्य क्यों दर्ज है?

2. जिन कार्यों में सीसी जारी है, उनका वास्तविक मूल्यांकन कहां है?

3. 14 कार्यों में व्यय ₹0 है तो सीसी जारी किस आधार पर हुआ?

4. दो कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय किस अनुमति के आधार पर दर्ज हुआ?

5. पुराने वर्षों के कार्य आज तक स्पष्ट मूल्यांकन के बिना पोर्टल पर क्यों हैं?

6. लाखों रुपये के पुलिया, घाट, सड़क और भवन कार्यों की भौतिक जांच कब हुई?

7. क्या प्रत्येक कार्य की माप पुस्तिका (एमबी), बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और पूर्णता प्रमाण-पत्र उपलब्ध हैं?

*कलेक्टर लें संज्ञान, रिकॉर्ड की हो तकनीकी जांच*

उपलब्ध पोर्टल रिकॉर्ड प्रथम दृष्टया दस्तावेजी विसंगतियों और निगरानी की आवश्यकता सामने रखता है। इसे किसी व्यक्ति पर आरोप मानने के बजाय संबंधित रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

कलेक्टर सिवनी एवं जिला पंचायत सीईओ को डाला ग्राम पंचायत के इन 65 कार्यों की वर्षवार जांच करानी चाहिए। प्रत्येक कार्य की मौके पर भौतिक स्थिति, एमबी, मूल्यांकन, भुगतान, बिल-वाउचर और स्वीकृति से अधिक व्यय की स्थिति का मिलान कराया जाए।

रिकॉर्ड साफ है तो अधिकारी रिकॉर्ड से जवाब दें; रिकॉर्ड में कमी है तो जिम्मेदारी भी रिकॉर्ड से तय होनी चाहिए।पड़ताल का मुख्य आंकड़ा: 65 कार्यों में ₹2,20,40,710.04 स्वीकृति, ₹1,60,57,274.08 व्यय, और पोर्टल पर सभी 65 की मूल्यांकन राशि ₹0 दर्ज है। 14 कार्यों में व्यय ₹0 है, जबकि स्थिति सीसी जारी दिखाई गई है।

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