बम्होड़ी पंचायत में लाखों के काम, मूल्यांकन शून्य..

पोर्टल पर खर्च दर्ज, लेकिन कई कार्यों का मूल्यांकन राशि ...

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पोर्टल पर खर्च दर्ज, लेकिन कई कार्यों का मूल्यांकन राशि ‘0’ — वर्षों पुराने काम आज भी चल रहे..

लखनादौन। ग्राम पंचायत बम्होड़ी के विकास कार्यों से संबंधित ऑनलाइन डेटा ने पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत तक की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध पोर्टल रिकॉर्ड में वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक के अनेक निर्माण कार्य दर्ज हैं, जिनमें राशि खर्च दिखाई गई है, लेकिन संबंधित कार्यों के सामने मूल्यांकन राशि ‘0’ दर्ज है। पोर्टल स्वयं टिप्पणी कर रहा है— “कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।”

उपलब्ध 17 पूर्ण प्रविष्टियों के आंकड़ों को देखें तो इनकी स्वीकृत राशि करीब ₹23.30 लाख है, जबकि दर्ज व्यय करीब ₹6.53 लाख है। इसके बावजूद इन सभी प्रविष्टियों में मूल्यांकन राशि शून्य दिखाई दे रही है। यह स्थिति पंचायत के कार्यों की माप, भौतिक सत्यापन, मूल्यांकन और कार्य पूर्णता रिकॉर्ड की जांच की जरूरत पैदा करती है।

*2019 के सड़क कार्य आज भी रिकॉर्ड में अधूरे*

*सबसे गंभीर सवाल वर्ष 2019-20 के दो सीसी सड़क कार्यों से जुड़े हैं*

वर्क आईडी 100705054 में ₹7,94,415 की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति दर्ज है। व्यय ₹0 और मूल्यांकन 0 है तथा स्थिति नया वर्क दिखाई दे रही है।

इसी तरह वर्क आईडी 100705069 में ₹8,34,575 की स्वीकृति दर्ज है। व्यय ₹0, मूल्यांकन 0 और स्थिति चल रहे दर्ज है।

छह-सात वर्ष पुराने स्वीकृत सड़क कार्य यदि आज भी पोर्टल पर नया वर्क/चल रहे स्थिति में हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि कार्य जमीन पर हुआ या नहीं, कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है और पोर्टल पर स्थिति अपडेट क्यों नहीं हुई?

*कचरा प्रबंधन के नाम पर खर्च, मूल्यांकन फिर भी शून्य*

वर्ष 2022-23 में लीच पिट, नाडेप एवं कचरा प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों में लगभग पूरी स्वीकृत राशि का व्यय दर्ज है।

*उदाहरण के तौर पर—*

– वर्क आईडी 100992990 — स्वीकृति ₹18,000, व्यय ₹18,000, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 100992992 — स्वीकृति ₹18,000, व्यय ₹18,000, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 100992996 — स्वीकृति ₹16,000, व्यय ₹16,000, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043409 — स्वीकृति ₹19,000, व्यय ₹18,901, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043411 — स्वीकृति ₹16,000, व्यय ₹15,955, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043413 — स्वीकृति ₹19,000, व्यय ₹18,698, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043417 — स्वीकृति ₹19,000, व्यय ₹18,948, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043419 — स्वीकृति ₹16,000, व्यय ₹15,914, मूल्यांकन 0।

– वर्क आईडी 101043423 — स्वीकृति ₹16,000, व्यय ₹15,937, मूल्यांकन 0।

इन सभी कार्यों की वर्तमान स्थिति पोर्टल पर चल रहे दर्ज है।

*पुलिया और सभा मंच भी सवालों में*

वर्क आईडी 101055145 के तहत गौशाला के सामने पुलिया सह सीसी सड़क निर्माण के लिए ₹1,99,000 की स्वीकृति दर्ज है। व्यय ₹1,84,240 है, लेकिन मूल्यांकन राशि 0 है और स्थिति चल रहे है।

इसी प्रकार वर्क आईडी 101065969 में ग्राम डांगनगोंडी में सभा मंच निर्माण के लिए ₹2,50,000 स्वीकृत हैं। पोर्टल पर ₹2,36,650 व्यय, मूल्यांकन 0 और स्थिति चल रहे दर्ज है।

*2023 के कार्य भी उसी सवाल के घेरे में*

वर्ष 2023-24 में राजकुमार मुन्ना, सिब्बू, पुन्नू तथा कोटवार के मकान के पास प्रस्तावित लीच पिट सहित अन्य कार्यों में भी करीब ₹19 हजार प्रति कार्य की स्वीकृति तथा लगभग पूरी राशि के बराबर व्यय दर्ज है, लेकिन पोर्टल पर मूल्यांकन 0 ही दिखाई देता है और स्थिति चल रहे दर्ज है।

*अब जिम्मेदार अधिकारियों से सीधा सवाल*

यह मामला किसी एक ऑनलाइन कॉलम की गलती है या वास्तव में कार्यों का मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन लंबित है?

*यदि कार्य पूर्ण हैं तो—*

मूल्यांकन दर्ज क्यों नहीं?

यदि कार्य अधूरे हैं तो—

व्यय किस स्थिति में दर्ज किया गया?

यदि कार्य वर्षों से चल रहे हैं तो—

कार्य पूर्ण कराने और पोर्टल अपडेट कराने की जिम्मेदारी किसकी है?

और यदि पोर्टल की जानकारी गलत है तो—

रिकॉर्ड दुरुस्त करने की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई?

*जनपद से लेकर जिला स्तर तक जांच की जरूरत*

मामले में जनपद पंचायत लखनादौन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संबंधित तकनीकी अमला, उपयंत्री/तकनीकी अधिकारी तथा जिला पंचायत सिवनी के संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच करनी चाहिए।

जांच में प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका (एमबी), कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन, मूल्यांकन पत्रक, भुगतान अभिलेख, सामग्री/मजदूरी भुगतान, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र और पोर्टल पर दर्ज स्थिति का मिलान किया जाना चाहिए।

सरकारी रिकॉर्ड में राशि का हिसाब केवल कंप्यूटर की स्क्रीन पर नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

बम्होड़ी पंचायत के इन कार्यों पर उठे सवालों का जवाब अब कागजी खानापूर्ति से नहीं, बल्कि मौके की जांच और अभिलेखों के सार्वजनिक मिलान से सामने आना चाहिए।

जिला प्रशासन यदि रिकॉर्ड को गंभीरता से लेता है तो प्रत्येक वर्क आईडी की जांच कर स्थिति स्पष्ट कर सकता है—कौन सा काम हुआ, कितना हुआ, कितना भुगतान हुआ, उसका मूल्यांकन किसने किया और पोर्टल पर मूल्यांकन शून्य क्यों है।

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