“आज़ाद हिंद के आशिक़” दीपक जयहिंद के नेतृत्व में उठा जनहित का सवाल
सिवनी:-शहर की सड़कों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में आवारा गौवंश की बढ़ती संख्या अब आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। दिन हो या रात, सिवनी नगर के कई व्यस्त मार्गों पर गाय-बैल खुलेआम बैठे देखे जा सकते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर “आज़ाद हिंद के आशिक़” दीपक जयहिंद के मार्गदर्शन में कार्यरत सामाजिक संगठन दीपक जयहिंद टीम ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। टीम लीडर दीपक डहेरिया द्वारा नगर पालिका परिषद सिवनी को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।
फोटो-प्रमाणों ने खोली प्रशासन की पोल:-दीपक जयहिंद टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए फोटो-प्रमाणों में साफ़ देखा जा सकता है कि सिवनी के विभिन्न इलाकों—मुख्य सड़कों, चौराहों और मोहल्लों—में गौवंश खुलेआम बैठा हुआ है। ये तस्वीरें अलग-अलग तारीखों और स्थानों की हैं, जो यह साबित करती हैं कि यह समस्या अस्थायी नहीं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है।
दुर्घटनाओं का स्थायी कारण बनता गौवंश:-आवारा गौवंश के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है.दोपहिया वाहन चालकों, बुज़ुर्गों और बच्चों की जान जोखिम में है.सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैल रही है.नगर की छवि और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
कानून मौजूद, फिर भी लापरवाही:- मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा राज्य की गौ-संरक्षण नीतियों के अनुसार नगर क्षेत्र में आवारा पशुओं पर नियंत्रण रखना नगर पालिका की वैधानिक जिम्मेदारी है। नियमों के तहत पशुओं को सड़कों पर छोड़ना दंडनीय अपराध है, लेकिन सिवनी में इन नियमों का पालन होता नज़र नहीं आ रहा।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन:-टीम लीडर दीपक डहरिया, दीपक जयहिंद टीम (सिवनी) द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि—नगर क्षेत्र में घूम रहे आवारा गौवंश को तत्काल पकड़कर अधिकृत गौशालाओं में भेजा जाए.पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वाले पशु-स्वामियों पर सख़्त जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाए.दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष पकड़ अभियान चलाया जाए.नगर एवं आसपास की गौशालाओं की क्षमता, सूची और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए.बीमार व घायल गौवंश के लिए पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से समुचित उपचार व्यवस्था की जाए.
जनहित आंदोलन की चेतावनी:-ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो “आज़ाद हिंद के आशिक़” दीपक जयहिंद के नेतृत्व में दीपक जयहिंद टीम कानून के दायरे में रहते हुए जनहित में प्रतीकात्मक आंदोलन और जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी।




