धान खरीदी अपडेट: ‘सुपरवाइजर’ का खास या अवैध वसूली का मास्टरमाइंड? सानू नागवंशी के दखल से उपार्जन केंद्रों पर मचा हड़कंप

धान खरीदी अपडेट: ‘सुपरवाइजर’ का खास या अवैध वसूली का ...

Published on-

धान खरीदी अपडेट: ‘सुपरवाइजर’ का खास या अवैध वसूली का मास्टरमाइंड? सानू नागवंशी के दखल से उपार्जन केंद्रों पर मचा हड़कंप

सिवनी:- सिवनी जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया अब केवल सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि ‘प्राइवेट वसूली गैंग’ का चारागाह बनती जा रही है। जिला खाद्य अधिकारी (DSO) और आरबी कंपनी के सुपरवाइजर शिवजी पटेल की संदिग्ध भूमिका के बीच अब एक नया नाम ‘सानू नागवंशी’ तेजी से उभरकर सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार छिंदवाड़ा से आए इस शख्स ने उपार्जन केंद्रों पर जो समां बांध रखा है, उसने शासन के नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा दी हैं।

कौन है सानू नागवंशी? बिना पहचान, बिना वर्दी ‘वसूली’ का खुला खेल:- सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सानू नागवंशी कौन है और किस हैसियत से धान खरीदी केंद्रों पर जाकर समितियों से सीधा संवाद कर रहा है? सूत्रों का दावा है कि सानू नागवंशी के पास न तो विभाग का कोई आधिकारिक आईडी कार्ड है और न ही वह किसी निर्धारित ड्रेस कोड में नजर आता है। इसके बावजूद, वह उपार्जन केंद्रों पर जाकर सर्वेयरों और समिति प्रबंधकों पर ‘सुपरवाइजर’ के नाम का रौब झाड़ता है। चर्चा है कि वह सुपरवाइजर शिवजी पटेल का ‘खास कारिंदा’ है, जिसे विशेष रूप से ‘लेनदेन’ के प्रबंधन के लिए छिंदवाड़ा से सिवनी लाया गया है।

ऑफिशियल ग्रुप में एंट्री: जब ‘सिस्टम’ ने खुद दी अवैध दखल को मान्यता :- हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति की कोई आधिकारिक नियुक्ति नहीं है, उसे विभाग और कंपनी के ‘ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप’ में जोड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार, इस ग्रुप के माध्यम से सानू नागवंशी को केंद्रों की पल-पल की जानकारी दी जाती है। बिना किसी पद के सरकारी कामकाज के ग्रुप में उसकी मौजूदगी यह साफ करती है कि उसे ऊपर से पूरा संरक्षण प्राप्त है। आखिर किस नियम के तहत एक बाहरी व्यक्ति को सरकारी प्रक्रिया की गोपनीय जानकारी और ग्रुप का हिस्सा बनाया गया? यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत का प्रमाण है।

खबर का असर: खुलासे के बाद ग्रुप से आनन-फानन में बाहर:- BS News Network द्वारा पिछली रिपोर्ट में सानू नागवंशी की कारगुजारियों को उजागर करने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों की मानें तो संबंधित अधिकारियों ने स्वयं को बचाने के लिए आनन-फानन में सानू नागवंशी को व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन पद से हटाया और कुछ ग्रुप्स से उसे बाहर (Remove) कर दिया है। यह कार्रवाई खुद पुष्टि करती है कि सानू की मौजूदगी अनधिकृत थी। अब सवाल यह है कि यदि वह अधिकृत नहीं था, तो उसे इतने समय तक संरक्षण क्यों दिया गया? ओर अभी भी क्यों उसे ग्रुप में जोड़ने के साथ संरक्षण दिया जा रहा है।

सुपरवाइजर का ‘प्राइवेट वसूली एजेंट’?:- धान खरीदी केंद्रों पर चर्चा आम है कि सुपरवाइजर खुद सामने न आकर सानू नागवंशी के जरिए ‘मैदान’ संभाल रहे हैं। केंद्रों पर जाकर धान को पास या फेल करने की धमकी देना, L-2 रिजेक्शन का डर दिखाना और फिर ‘सेटिंग’ के लिए दबाव बनाना—यही सानू नागवंशी का मुख्य कार्य बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो समितियों से वसूली गई रकम का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से ऊपर तक पहुँचता है। शासन के नियम कहते हैं कि केवल अधिकृत अधिकारी ही निरीक्षण कर सकते हैं, फिर एक ‘कथित’ व्यक्ति को वसूली की खुली छूट कैसे मिली?

किसानों और समितियों में आक्रोश: सुशासन पर बड़ा प्रश्नचिह्न:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ प्रदेश के दावों के बीच सिवनी में सानू नागवंशी जैसे पात्रों का उदय चिंताजनक है। बिना किसी आधिकारिक पद के सानू द्वारा की जा रही वसूली ने समितियों को आर्थिक रूप से तोड़ दिया है, जिसका अंतिम बोझ गरीब किसान पर ही गिर रहा है। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि यदि सानू नागवंशी की उपस्थिति और सुपरवाइजर के साथ उसके संबंधों की उच्च स्तरीय जांच हुई, तो जिले के धान उपार्जन में अब तक का सबसे बड़ा ‘वसूली रैकेट’ सामने आ सकता है।

प्रमुख सवाल जिनका जवाब प्रशासन को देना होगा:-

  • किस आधिकारिक आदेश के तहत सानू नागवंशी को ‘ऑफिशियल ग्रुप’ में शामिल किया गया था?
  • बिना आईडी कार्ड और पद के वह केंद्रों पर निरीक्षण करने और लेनदेन करने कैसे पहुँच रहा है?
  • क्या सुपरवाइजर शिवजी पटेल ने अपनी जवाबदेही एक ‘प्राइवेट व्यक्ति’ को सौंप दी है?
  • क्या जिला प्रशासन इस ‘बाहरी घुसपैठ’ की जांच कर FIR दर्ज करेगा?

अगली खबर में हम करेंगे कुछ और चौंकाने वाले खुलासे… क्रमशः बने रहिए BS News Network के साथ।

नोट: यदि आपके पास भी जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता से जुड़ी कोई जानकारी है, तो हमें व्हाट्सएप करें: 7000287855।(हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि आपका नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।)

Tags:

आपके लिए खास

Leave a Comment