भगवान की कथा आईनहा : पूज्य पं. श्री नीलैश शास्त्री जी

कोठिया बिहीरिया (गुरुधाम दिघोरी), जिला सिवनी:- षष्ठम दिवस की संगीतमय ...

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कोठिया बिहीरिया (गुरुधाम दिघोरी), जिला सिवनी:- षष्ठम दिवस की संगीतमय श्रीराम कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के अत्यंत पावन एवं मंगलकारी प्रसंग — श्रीराम विवाह का भावविभोर करने वाला वर्णन किया गया। यह प्रसंग केवल विवाह नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, त्याग और आदर्श दाम्पत्य जीवन का दिव्य संदेश प्रदान करता है।

पूज्य पं. श्री नीलैश शास्त्री जी ने जनकपुर की अलौकिक शोभा, शिव धनुष यज्ञ, गुरु विश्वामित्र की आज्ञा, श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग तथा माता सीता के पाणिग्रहण का ऐसा सजीव वर्णन किया कि श्रद्धालु मानो स्वयं जनकपुर की विवाह सभा में उपस्थित हो गए। उन्होंने बताया कि— “श्रीराम का विवाह केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं, बल्कि लोकमर्यादा, नारी सम्मान एवं धर्म आधारित गृहस्थ जीवन की आधारशिला है।” माता सीता का समर्पण, धैर्य और श्रीराम की मर्यादित दृष्टि आज भी समाज को आदर्श जीवन की प्रेरणा देती है। भजनों, मंगल गीतों, शहनाई स्वरूप संगीतमय प्रस्तुति एवं ‘सीताराम विवाह की जय’ के जयघोष से कथा स्थल दिव्य उत्सव में परिवर्तित हो गया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।

आयोजन समिति ने बताया कि यह संगीतमय श्रीराम कथा 3 से 11 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12:45 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस दिव्य श्रीराम कथा का पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

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