रामनगरी पंचायत के विकास कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड खोल रहा कई सवालों का पिटारा..

2013 से 2026 तक के 37 कार्य दर्ज, कई कार्यों ...

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2013 से 2026 तक के 37 कार्य दर्ज, कई कार्यों का मूल्यांकन शून्य; वर्षों पुराने काम आज भी चल रहे..

लखनादौन। ग्राम पंचायत रामनगरी में वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2026-27 तक स्वीकृत एवं दर्ज विकास कार्यों के उपलब्ध डेटा एक्सपोर्ट ने पंचायत स्तर पर कार्यों की प्रगति, व्यय और मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पोर्टल के रिकॉर्ड में कुल 37 कार्य दर्ज दिखाई दे रहे हैं। इनमें सड़क, पुलिया, घाट, पंचायत भवन, शौचालय, स्कूल बाउंड्रीवॉल, नाडेप टैंक, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनेक कार्यों के सामने मौजूदा स्थिति ‘जारी’ दर्ज है, जबकि इनमें कई कार्य वर्ष 2013 से 2020 के बीच स्वीकृत हुए थे। साथ ही लगभग सभी प्रविष्टियों में मूल्यांकन राशि: 0 और यह टिप्पणी दर्ज है कि “कार्य का मूल्यांकन दर्ज नहीं किया गया है।”

2013 का पंचायत भवन आज भी चल रहे..

रिकॉर्ड के अनुसार वर्क आईडी 100603641 के तहत वर्ष 2013-14 में पंचायत भवन निर्माण के लिए ₹2.85 लाख की स्वीकृति दर्ज है। इसमें अब तक ₹1,21,089.38 व्यय दर्ज है, जबकि पोर्टल पर कार्य की स्थिति सीसी जारी किया गया दिखाई गई है और मूल्यांकन राशि शून्य है। इसी प्रकार वर्ष 2014-15 में ई-पंचायत कक्ष निर्माण के लिए ₹4.10 लाख तथा वर्ष 2015-16 में अलग-अलग सीसी सड़क कार्यों के लिए ₹3.12 लाख और ₹2.30 लाख की स्वीकृतियां दर्ज हैं। इन प्रविष्टियों में व्यय ₹0 और स्थिति चल रहे दर्ज है।

2017-20 के कई कार्यों में भी मूल्यांकन शून्य..

डेटा में वर्ष 2017-18 के सीसी रोड कार्यों में ₹3.15 लाख, ₹2.20 लाख और ₹5.67 लाख की स्वीकृतियां दर्ज हैं। इनके विरुद्ध क्रमशः लगभग पूरी राशि खर्च दिखाई गई है, लेकिन मूल्यांकन राशि शून्य है। वर्ष 2017-18 में घाट निर्माण के लिए ₹10 लाख की स्वीकृति और ₹9,99,390 व्यय दर्ज है। इसी अवधि में पुलिया निर्माण के लिए ₹5 लाख और ₹8.50 लाख की स्वीकृतियों के विरुद्ध लगभग पूरी राशि खर्च दर्ज है।

शौचालय निर्माण में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय का रिकॉर्ड..

डेटा में वर्क आईडी 100508668 व्यक्तिगत शौचालय कार्य के लिए स्वीकृत राशि ₹1,20,000 दर्ज है, जबकि व्यय ₹1,32,000 दर्ज किया गया है। पोर्टल स्वयं स्पष्ट टिप्पणी करता है कार्य की स्वीकृत राशि [120000.00] से अधिक व्यय [132000.00] किया गया है। अर्थात रिकॉर्ड के अनुसार ₹12,000 अधिक व्यय दर्ज है। इस अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति, भुगतान का आधार और संबंधित अभिलेखों की जांच आवश्यक है।

2024-25 के कार्यों में भी लाखों का व्यय..

वर्ष 2024-25 के सीसी रोड कार्य में ₹5.73 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति के विरुद्ध ₹5,72,676 व्यय दर्ज है। पुलिया निर्माण कार्य में ₹6.15 लाख की स्वीकृति के विरुद्ध ₹5,71,250.50 खर्च दर्ज है। वर्ष 2024-25 के स्कूल बाउंड्रीवॉल कार्य में ₹2.49 लाख स्वीकृति के विरुद्ध ₹2,17,750 व्यय दर्ज है। वहीं वर्ष 2026-27 में सलहेपुरा में प्राथमिक शाला भवन से अन्नो बाई के घाट तक सीसी रोड के लिए ₹6.04 लाख स्वीकृत और ₹3,38,116 व्यय दर्ज है। पोर्टल पर इसकी स्थिति भी चल रहे है।

सवाल सिर्फ काम का नहीं, रिकॉर्ड की पारदर्शिता का भी..

उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सवाल यह है कि वर्षों पुराने कार्य आज भी चल रहे क्यों दर्ज हैं? इतने कार्यों का मूल्यांकन राशि शून्य क्यों है? जिन कार्यों में लगभग पूरी स्वीकृत राशि खर्च हो चुकी है, उनका मूल्यांकन दर्ज क्यों नहीं किया गया? वर्ष 2018 के शौचालय कार्य में स्वीकृत राशि से अधिक व्यय किस आधार पर हुआ? पुराने अधूरे कार्यों की वास्तविक भौतिक स्थिति क्या है? पोर्टल पर दर्ज व्यय और जमीन पर हुए निर्माण में कितना सामंजस्य है? क्या सभी कार्यों के माप पुस्तिका (एमबी), पूर्णता प्रमाण-पत्र, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, भुगतान वाउचर, बिल, फोटो तथा जियो-टैग रिकॉर्ड उपलब्ध हैं?

अधिकारियों से अभिलेखीय जांच की मांग..

मामला किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन से हुए कार्यों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के सत्यापन का है। इसलिए ग्राम पंचायत रामनगरी के वर्ष 2013-14 से 2026-27 तक दर्ज सभी 37 कार्यों की दस्तावेजी एवं भौतिक जांच कराई जाना आवश्यक है। जांच में प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, तकनीकी एवं प्रशासनिक अनुमोदन, खर्च, भुगतान, माप पुस्तिका, कार्य पूर्णता, मूल्यांकन, उपयोगिता प्रमाण-पत्र तथा वर्तमान भौतिक स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सवाल सीधा है, जब पोर्टल पर वर्षों पुराने कार्य दर्ज हैं और मूल्यांकन राशि अनेक मामलों में शून्य है, तो जिम्मेदार विभाग यह स्पष्ट करेगा कि रामनगरी पंचायत के इन विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति आखिर क्या है?

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